ऑफिस मे कनिका को घोड़ी बनाकर चोदा

जब कनिका हमारे ऑफिस में आई तो हम दोनों अच्छे दोस्त बनने लगे। कहीं ना कहीं कनिका और मैं एक दूसरे के करीब आने लगे मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या यह सब ठीक है। मेरा दिल कनिका पर आने लगा था और मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि कनिका और मेरे बीच प्यार हो जाएगा। हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे थे लेकिन मेरी सगाई हो चुकी थी और मैं अब सगाई नहीं तोड़ सकता था।

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ऐसी स्थिति में क्या करूं, मेरे पास कोई जवाब नहीं था. ना तो मेरे पास किसी बात का कोई जवाब था और ना ही मुझे कुछ समझ आ रहा था. एक दिन जब मैंने कनिका से इस बारे में बात की तो उसने मुझे कहा कि संजय तुम्हें इस बारे में अपने घर पर बात करनी चाहिए और तुम्हें उन्हें समझाना चाहिए। मैंने कनिका से कहा ठीक है मैं इस बारे में पापा और मम्मी से बात करूंगा क्योंकि हमारी सगाई हमारी मर्जी से हुई थी और अब मैं पापा और मम्मी से इस बारे में बात करना चाहता था।

ऑफिस मे कनिका को घोड़ी बनाकर चोदा

इसके अलावा मेरे पास शायद कोई और चारा नहीं था क्योंकि मैं सीधे तौर पर सगाई नहीं तोड़ सकती थी इसलिए मैंने पापा-मम्मी से इस बारे में बात करने का मन बना लिया था। जब मैंने उन्हें इस बारे में बताया तो वह मुझे कहने लगे कि बेटा यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है क्योंकि अगर तुम इस तरह कनिका से सगाई तोड़ोगे तो यह बिल्कुल भी ठीक नहीं होगा। मैंने पापा से कहा पापा मैं जानता हूं कि कनिका बहुत अच्छी लड़की है लेकिन मैं मजबूर हूं।

पापा और मम्मी को समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या कह रहा हूं क्योंकि उन्हें कनिका के माता-पिता को जवाब देना था इसलिए उन्हें भी समझ नहीं आ रहा था कि ऐसी स्थिति में क्या किया जाए। पापा इस बात से बिल्कुल भी खुश नहीं थे मेरे पास अब कोई चारा नहीं था इसलिए मैंने कनिका से बात करने के बारे में सोचा। जब मैंने कनिका से इस बारे में बात की तो कनिका मुझे कहने लगी कि संजय यह सब बिल्कुल भी ठीक नहीं है। इससे कनिका की बदनामी हो सकती थी और उसके परिवार की भी काफी बदनामी हो रही थी, इसलिए कनिका इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी.

मैं कुछ भी सोच नहीं पा रहा था. जब मैंने यह बात कनिका को बताई तो उसने मुझसे कहा कि अब हमें सही समय पर इसे छोड़ देना चाहिए सब ठीक हो जाएगा। मैं कनिका से प्यार करता था और उसके साथ अपनी जिंदगी बिताना चाहता था लेकिन कनिका को इस तरह से तकलीफ देना मुझे बिल्कुल भी ठीक नहीं लगता था। वह मेरी वजह से बहुत परेशान थी और जब भी वह मुझसे फोन पर बात करती थी तो मुझे उसकी परेशानी साफ नजर आती थी और जब भी मैं कनिका से मिलता था तो मुझे बिल्कुल भी अच्छा महसूस नहीं होता था।

ऑफिस मे कनिका को घोड़ी बनाकर चोदा

ये बात कनिका के माता-पिता को भी नहीं पता थी. यह बात केवल कनिका और मेरे माता-पिता ही जानते थे। मुझे लग रहा था कि शायद इस मामले का कोई हल नहीं निकलेगा इसलिए मैंने कनिका से शादी करने का फैसला कर लिया था। हालाँकि कनिका इस बात से बिल्कुल भी खुश नहीं थी लेकिन मेरे पास शायद कोई और चारा भी नहीं था क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि मेरी वजह से कनिका की जिंदगी में कोई परेशानी आए। अब मैंने पूरी तरह से मन बना लिया था कि मैं कनिका से शादी करूंगा और फिर कनिका मेरी जिंदगी से दूर जाने लगी।

धीरे-धीरे कनिका मेरी जिंदगी से बहुत दूर चली गई थी। अब ना तो मेरा कनिका से कोई संपर्क था और ना ही मैं उससे मिलता था क्योंकि कनिका ने ऑफिस से इस्तीफा दे दिया था और वह मेरी जिंदगी से भी गायब हो चुकी थी। हालाँकि मैंने उसके बाद भी कनिका से माफी माँगने की कोशिश की लेकिन उससे मेरा कोई संपर्क नहीं हो सका और अब वह समय नजदीक आ रहा था जब कनिका और मेरे बीच रिश्ते की बात आगे बढ़ने लगी थी। अब हम दोनों की शादी का दिन नजदीक आ रहा था हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे थे और अब हम दोनों एक दूसरे से ज्यादा से ज्यादा मिलने लगे थे। मैं भी कनिका को पूरा समय देने की कोशिश करता था और जब भी कनिका और मैं साथ में होते तो मुझे बहुत अच्छा लगता।

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अब मैं जब भी कनिका से फोन पर बात करता तो मुझे कनिका से फोन पर बात करना अच्छा लगता और उसे भी मुझसे फोन पर बात करना अच्छा लगता। कनिका और मैं सिर्फ फोन पर ही बात कर रहे थे. जब कनिका घर लौटी तो उस दिन उसने मुझे अपने घर पर मिलने के लिए बुलाया। कनिका घर पर अकेली थी उसने मुझे घर पर बुलाया तो मैं उससे मिलने के लिए चला गया। जब मैं कनिका से मिलने के लिए गया तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और कनिका भी बहुत अच्छा महसूस कर रही थी जिस तरीके से वह मेरे साथ बैठ कर बात कर रही थी लेकिन मुझे नहीं पता था कि कनिका और मेरे बीच इतनी नजदीकियां आ जाएंगी। हम दोनों एक दूसरे को चूमेंगे.

मैंने कनिका के होठों को चूम लिया था उसके होठों को चूमते समय मुझे अच्छा लग रहा था और मैं उसके होठों को बहुत अच्छे से चूम रहा था। मैंने कनिका के होठों को बहुत देर तक चूसा। हम दोनों के बीच की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी। मैं और कनिका एक दूसरे की गर्मी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पाए और मैंने कनिका के स्तनों को दबाना शुरू कर दिया। कनिका भी इतनी गर्म हो गई थी कि उसने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए थे. वह अपने कपड़े उतार चुकी थी और अब कनिका ने मुझसे कहा कि उसे बहुत अच्छा लग रहा है। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश थे. जब मैंने कनिका के स्तनों को दबाना शुरू किया और उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा तो कनिका को मजा आने लगा और वह मुझे कहने लगी तुम मेरे स्तनों को ऐसे ही चूसते रहो।

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मैं उसके स्तनों को चूस रहा था मुझे बहुत मजा आ रहा था हम दोनों के बीच की गर्मी बढ़ती जा रही थी। एक समय ऐसा आया जब हम दोनों के बीच गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ गई कि मैंने कनिका से कहा कि मैं तुम्हारी चूत चाटना चाहता हूं। कनिका की पैंटी मैंने नीचे उतार दी थी. कनिका की काली पैंटी मैंने नीचे उतार दी थी। जब मैंने उसकी पैंटी उतारी तो मैं उसकी चूत को देखने से खुद को रोक नहीं पाया. उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था. उसकी योनि से बहुत गर्म पानी निकल रहा था.

अब हम दोनों इतने ज्यादा गर्म हो चुके थे कि मैंने अपने मोटे लिंग को कनिका की योनि के अंदर डाल दिया और जैसे ही मेरा लिंग उसकी योनि में गया तो वह बहुत जोर से चिल्लाने लगी और मुझे कहने लगी कि उसे बहुत मजा आ रहा है। हम दोनों को बहुत अच्छा लग रहा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को महसूस कर रहे थे। अब हम दोनों इतने ज्यादा गर्म हो गये थे कि हम दोनों रह नहीं पा रहे थे. हम दोनों के बीच की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी मैंने कनिका को बहुत तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए और जिस तेज गति से मैं उसे चोद रहा था उससे वह कराह रही थी और मुझे कहने लगी तुम मेरी गर्मी को ऐसे ही बढ़ाते रहो।

ऑफिस मे कनिका को घोड़ी बनाकर चोदा

मैंने कनिका की गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया था। जब मुझे यह एहसास होने लगा कि मैं बिल्कुल भी अपने आप को रोक नहीं पाऊंगा तो कनिका मुझे कहने लगी कि मैं बिल्कुल भी अपने आप को रोक नहीं पाऊंगा। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे। जब मैं कनिका की चूत में अपने लंड को अंदर बाहर कर रहा था तो उसे मजा आने लगा था और मुझे भी बहुत मजा आ रहा था। मुझे एहसास हो गया था कि मैं कनिका की चूत की गर्मी ज्यादा देर तक नहीं झेल पाऊंगा लेकिन जब मैंने उसके पैरों को ऊपर उठाया और उसे चोदना शुरू किया तो वह बहुत जोर से चिल्लाई और मुझसे कहने लगी कि मैं उसे ऐसे ही चोदता रहूं. हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे।

जैसे-जैसे हम दोनों के बीच की गर्मी बढ़ती जा रही थी तो हम दोनों को और भी ज्यादा मजा आ रहा था। हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे जैसे ही मैंने कनिका की योनि के अंदर वीर्य को डाला तो मैंने कनिका की इच्छा पूरी कर दी थी। हम दोनों बहुत खुश थे जब कनिका और मैंने एक दूसरे की इच्छा पूरी कर दी थी तो हम दोनों को बहुत अच्छा लग रहा था। हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर लेटे हुए थे.

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